हिन्दी कहानी : आत्मविश्वास, आत्मबल पर कहानी

दो सैनिक की युद्ध की कहानी ( आत्मबल की कहानी )

आत्मबल पर कहानी – कई बार लोगो का खुद से विश्वास उठ जाता है जो उनकी असफलता का कारण बनता है और मै नही चाहता की आप या कोई आपका जानने वाला अपने जीवन मे हताश होकर रूक जाये । इसलिए मै आशा करता हुँ आज इस छोटी सी कहानी से आपको प्रेरणा मिलेगी।

बहुत समय पहले की बात है दो राज्यो के बीच युद्ध होने वाला था।

युद्ध की रणनीति और तैयारी के लिए राज्य के जनरल ने अपने सभी officers की बैठक बुलाई और युद्ध की चर्चा करने लगें।

अभी जनरल ने युद्ध के बारे में विचार-विमर्श शुरू ही की थी की उनमे से एक officer ने जनरल से कहॉ – “ मुझे लगता है हम सभी यहॉ अपनी ऊर्जा और समय दोनो व्यर्थ कर रहे है। ”

उसने दावे के साथ अपनी बात को आगें बढ़ाते हुए कहॉ – “ युद्ध मे किसे जीतना है और किसे हारना है यह ईश्वर ने पहले से ही तय कर रखा है। ”

Officer की यह बात सुनकर जनरल ने officer से पुछा – “ क्या तुम यह कहना चाहते हो कि हमारी जीत या हार हमारा भाग्य तय करेंगा ? ”

Officer – “ हॉ ”

अब जनरल ने अपने जेब से एक सिक्का निकालते हुऐ उस officer से पुछा – “ क्या तुम मानते हो की यह सिक्का हमारी जीत या हार तय कर सकता है ? ”

Officer – “ बिलकुल ”

जनरल ने officer से कहॉ – “ अगर मै इस सिक्के को उछालता हुँ और हेड ( head ) आता है तो हमारी जीत होगी और अगर टेल ( tail ) आया तो हमारी हार तय है ! ” और सिक्के को हवा मे उछाला और हेड आया ।

“ जीत हमारी होगी, हमे कोई नही हरा सकता । क्योकि हमारी जीत ईश्वर ने तय की है। ”

बैठक समाप्त हुई और कुछ दिनो बाद युद्ध के समय सभी सैनिक अपने युद्ध स्थल पर चले गये और युद्ध किया जिसमे उन्हे जीत भी मिली।

शानदार जीत के बाद सभी लोग खुशी मनाने के लिए एक स्थान पर इक्कठा हुऐ जिसमे जनरल भी थे।

जनरल से office ने पुछा – “ क्या अब आपको विश्वास हुआ, सब कुछ पहले से ही तय होता है । ”

जनरल ने अपनी जेब से वही सिक्का निकाला, जिसे उन्होने बैठक के दौरान हवा मे उछाला था। और मुस्कराते हुऐ कहॉ – “ अब तक तुम जिसे भाग्य समझ रहें हो वह तुम्हारा भाग्य नही विश्वास है क्योकि इस सिक्के मे दोनो तरफ हेड ( head ) है। ”


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