जिन्दगी क्या है ? ( What is life ? )

जिन्दगी क्या है? (What is life ?)

जिंदगी क्या है ? इसे कैसे जीये ? यह प्रश्न तो हर लोगो के मन में आता ही होगा । आखिर जीवन है क्या ? What is life ? इस प्रश्न पर अनेक लोगो के अपने-अपने अलग-अलग मत है ।

तो चलिए हम लोग पढ़ते है – What is life in hindi ? , what is life ? , जिन्दगी क्या है ? , जिंदगी क्या है ?

किसी के लिए जिन्दगी एक खेल है , किसी के लिए जिन्दगी एक उपहार है , किसी के लिए जिन्दगी एक संघर्ष है तो किसी के लिए अवसर ।

हर किसी का जिन्दगी को लेकर अपना एक अलग ही नजरिया है और मै अपनी जिन्दगी को एक अवसर के रूप में स्वीकार करता हूँ क्योकि एक प्रकार से यह ईश्वर द्वारा हर मानव को दिया हुआ उपहार है ।

तो अब ये आप पर Depend करता है कि आप अपने जीवन को किसी रूप में Accept करते है ।

I Hope की आप अपनी जिन्दगी को खेल या संघर्ष न मान कर अवसर के रूप में स्वीकार करेंगे क्योकि ये जिन्दगी सुख और दु:ख दोनो ही उतार-चढ़ाव से भरपूर है ।

हमे अपने जिन्दगी में हो रहे ऊतार-चढ़ाव और सुख-दु:ख को समझने का मौका मिलता है इसलिए हमें मुश्किलो में घबराने के बजाय उसका सामना करना ही जिन्दगी जीने का सही तरिका है ।

यह हम पर निर्भर करता है कि हम अपने जिन्दगी को जी रहे है या काट रहे है ।

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जिन्दगी को जीने के लिए भी अपने कुछ उसूल होते है-

  1. जिन्दगी को खेल या संघर्ष नही बल्कि ईश्वर का दिया हुआ अनमोल तोहफा समझे ।
  2. जीवन को साकारात्मक नजरिये से देखे ।
  3. जिन्दगी को खुल कर जीये , इसे बोझ ना समझें ।
  4. अपने जीवन में अपने साथ सबका भला करने की कोशिश करें ।
  5. हमारी जिन्दगी का अपना मुख्य मकसद होना चाहिए ।

1. जिन्दगी को खेल या संघर्ष नही बल्कि ईश्वर का दिया अनमोल तोहफा समझे :-

कई बार ऐसा होता है की लोग अपने जिन्दगी की भागदौड़ में इतने खो जाते है कि वे अपने इस अनमोल तोहफे पर ध्यान ही नही देते और अपने भागदौड़ भरी जिन्दगी को संघर्ष के रूप में मान लेते है ।

जबकि ये जिन्दगी हमें हर हालात में कुछ नया सीखने , समझने और कुछ करने के लिए मिली है । इसलिए हमें अपनी जिन्दगी को खेल या संघर्ष ना मान कर इसे अवसर के रूप में मानना चाहिए ।

2. जीवन को साकारात्मक नजरिये से देखे :-

कई बार हम लोग अपनी छोटी-छोटी समस्याओं पर इतना ध्यान देने लगते है कि वे समस्या हमें बहुत बड़ी नजर आने लगती है ।

जिसके कारण हमारे अन्दर  नाकारात्मक सोच पैदा होने लगते है । जिससे हम अपने आस-पास हो रहे खुशनुमा माहौल को ही भूल जाते है और हम अपने को खुद ही खुद को दु:खी कर लेते है ।

परन्तु यदि हम अपने जिन्दगी में जितना छोटी-छोटी समस्याओ को लेकर दु:खी होते है उतना ही अगर हम छोटी-छोटी खुशियो में खुश रहना सीख ले तो हमारे आस -पास साकारात्मकता का माहौल रहेगा और अपने जिन्दगी में असली खुशियो का अनुभव करेंगे ।

इसलिए हमें अपने जिन्दगी में  वातावरण को सकारात्मक बनाये रखने की कोशिश करनी चाहिए ।

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3. जिन्दगी को खुल कर जीये , इसे बोझ ना समझे :-

इस भाग दौड़ भरी जिन्दगी में हम लोग जिन्दगी का असली मायने समझ ही नही पाते । अकसर हम छोटी-छोटी समस्याओ को लेकर दु:खी रहते है ।

जिसके कारण हमे अपनी Life बोझ लगने लगती है । वे ऐसे स्वयं तो दु:खी रहते ही है अपने आस-पास और मिलने वालो को भी नकारात्मक नजरिया प्रदान करते है ।

वे ये भूल जाते है की उनकी इस रोजमर्रा की जिन्दगी के अलावा भी और एक जिन्दगी है । अगर आप अपनी Life को मुस्कुरा कर जीना शुरू करे तो मुझे विश्वास है ।

ये जिन्दगी आपको कभी बोझ नही लगेगी । लेकिन इसके लिए आपको सबसे पहले हर छोटी से छोटी खुशियो को Calibrate करना पड़ेगा और Negative चीजो से दूर होना पड़ेगा ।

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4. अपने जीवन में अपने साथ सबका भला करें :-

जिन्दगी में आत्मसंतुष्टि पाने का सबसे अनोखा मंत्र है- दूसरो की भलाई ।

आपने महसूस किया जब आप किसी की मदद करते है तो आपको स्वयं अन्दर से संतुष्टि मिली होगी , एक ऐसी संतुष्टि जो आपको बाहरी चीजों से नही मिलती , आपने ये भी महसूस किया होगा ।

जब आप किसी की मदद करते है तो आपके चेहरे पर स्माईल और दिल में चंचलाहट होगी । ये आत्मसुख है , आत्मसुख और आत्मसतुंष्टि ये केवल किसी की मदद या भलाई से ही मिलती है ।

नि:स्वार्थ किये गये पुण्य को ईश्वर अपनी सेवा मानता है । दूसरी की भलाई आपकी जिंदगी जीने का सबसे अहम तरीका है ।

5. हमारी जिन्दगी का एक मुख्य मकसद होना जरूरी है :-

यदि आपके जीवन का कोई मकसद , कोई लक्ष्य या कोई उद्देश्य ही ना हो तो ये जिन्दगी व्यर्थ है । जिस प्रकार हमारी मनचाही चीज के मिलने पर हमें खुशी मिलती है , उसी प्रकार जीवन के मुख्य उद्देश्य को प्राप्त करके आत्म संतुष्टि मिलती है ।

जिन्दगी का मुख्य उद्देश्य कुछ भी हो ये खुद में एक आनन्दकारी पुरस्कार है जो हमें जिन्दगी जीने का सही तरीका बताता है । इसलिए Life में मुख्य उद्देश्य होना ही चाहिए ।

अत: इन सबसे यही निष्कर्ष निकलता है की जिन्दगी स्वयं में एक ईश्वरीय उपहार है जो की एक यात्रा के समान है जिसका शुरू तो पता होता है की कब हुआ , परन्तु अन्त का कुछ पता नही होता की ये जिन्दगी कब खत्म हो जाये ।

इसलिए जिन्दगी को खुलकर जीये ।

इसलिए किसी ने क्या खूब कहा है:-

“ कर दिखाओ कुछ ऐसा , की दुनिया करना चाहे , आपके जैसा । ”

इसलिए आप जहां भी रहो , सुरक्षित रहो , स्वस्थ रहो और हमेशा मस्त रहो !

I Hope की आप लोगो को ये पोस्ट पसंद आयी होगी । Comment करना ना भूले आपको यह पोस्ट कैसी लगी । जिन्दगी से जुड़ी कोई प्रश्न हो तो आप Comment कर पूछ सकते है । हमे इंतजार रहेगा आपके Comments का । तो चलिए मिलते है फिर एक नये पोस्ट के साथ तब तक के लिए नमस्कार Friends . Take care .

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