Attitude क्या होता है ? Attitude matlab kya hota hai

Attitude क्या होता है जाननें से पहलें आपको बता दुं आज कि पोस्ट थोड़ी बोरिंग हो सकती है क्योकि इसमें ज्यादा knowledge है और शायद कुछ लोगो को नीचें बताई गई बातें हजम भी ना हो।

लेकिन मेरा आपसे वादा है इस पोस्ट (Attitude kya hota hai ? ) को पढ़नें के बाद आपका Attitude ( नजरिया ) पुरी तरह से बदल जायेंगा ।

आज हम Attitude क्या होता है ? और Attitude के बारें मेंं और अधिक उदाहरण के साथ विस्तार से जानेंगे।

तो चलियें शुरू करते है शुरूवात से-

Attitude क्या होता है ( Attitude kya hota hai ? )

 

Attitude एक English शब्द है। जिसका हिन्दी अर्थ ‘नजरिया’ होता है।

अगर आप इसें साधारण शब्दों में समझें तो-

आपके सोचनें, व्यवहार और किसी घटना के प्रति आपकी प्रतिक्रिया आपके Attitude को दर्शाता है। और इसे ही Attitude कहते है।

Attitude कोई वस्तु (object) नही है जिसें हम देख या स्पर्श कर सकते है। Attitude को केवल अनुभव और महसूस किया जा सकता है।

Attitude के बारें में एक myth ( झूठ ) है जोकि हमारें समाज में फैला है।

हमारें समाज में Attitude को घमण्ड के रूप में लिया जाता है। जोकि Attitude का केवल एक पहलु है।

आप इस पोस्ट में Attitude  के बारें में जाननें के बाद आप इस myth( झूठ ) को और अच्छें से समझ पायेंगे।

 

Attitude Kitne Prakar Ke Hote Hain ?

 

Attitude दो प्रकार के होते है और दोनो एक-दुसरें के बिलकुल विपरीत कार्य करते है।

Attitude का हमारें सफलता में 80% महत्व होता है जबकि स्कूली और कॉलेज की शिक्षा का हमारे सफलता में केवल 20% ही योगदान होता है।

Attitude ही तय करता है कि आप अपनें जीवन में Winner बनेंगे या Loser.

 

Positive Attitude kya hota hai ( सकारात्मक नजरिया )

Positive Attitude को हिन्दी में ‘सकारात्मक नजरिया‘ कहते है। जिस व्यक्ति के पास Positive Attitude होता है।

वह सकारात्मक सोच का व्यक्ति होता है।

Positive Attitude वाला व्यक्ति किसी भी घटना, स्थित को सकारात्मक रूप से स्वीकार करता है। और उसके घटित होने का धन्यवाद देता है।

ऐसे व्यक्ति हर मुसीबत में भी समाधान निकाल लेता है। इनमें हर वस्तु, व्यक्ति, विचार आदि को अच्छा बतानें की आदत होती है।

Positive Attitude के बहुत से फायदे होते है।

इसे और बेहतर समझनें के लिए हमनें आपके लिए दो उदाहरण दिये है जिससे आप Positive Attitude को अच्छी तरह समझ पायेंगे-

Example #1-

किसी क्षेत्र में गोलिथा नाम का एक बहुत बड़ा आदमी था। जोकि साधारण लोगो की उचॉई से लगभग 10 गुना लम्बा था।

अपनी लम्बाई और भारी शरीर के कारण उसे खुद पर घमण्ड था।

जिससे वह अक्सर पास के गॉव के लोगो को परेंशान किया करता था। जिसके कारण सभी गॉव वासियों के मन में गोलिथा के भय नें जगह बना ली था।

एक दिन, 17 साल का एक लड़का डैविड उसी गॉव में अपनें भाईयों से मिलनें आया।

और उनसे बात-चीत के दौरान पूछा- “ आप लोग गोलिथा से लड़ते क्यो नही? ”

उनके भाईयों नें एक साथ ऊंचे स्वर में बोला- “ क्या तुम्हें नही पता। उसें मारना कितना मुसकिल है वह बहुत बड़ा है।”

डेविड नें तुरन्त जवाब मे कहा- “ गोलिथा इतना बड़ा है कि उसे मारना मुश्किल नही बल्कि आसान है। ”

और इसके बाद की कहानी तो हम सबको पता है।

पूरें गॉव ने मिलकर गोलिथा को गुलेल से मार डाला।

Example #2-

1940 ई0 की बात है, जब Thomas Edison ( थोमस एडिसन ) की उम्र 67 साल थी और उनको उनकी कम्पनी में आग लगनें के कारण बहुत नुकसान झेलना पड़ा था।

आग लगनें के कारण एडिसन का पूरा कारोबार जल कर खत्म हो गया था।

एडिसन के पास कुछ नही बचा था।

एडिसन अपनें पुरें जीवन की मेहनत की जुटाई गई पुंजी को अपनी आँखो के सामनें धुये में बदलते देख रहें थें।

उनको यह सब देखकर रहा नही गया और बोलें- “ बहुत अच्छा हुआ की ऐसी आपदा आ गई। हमारी सभी की गई गलतियॉ कम्पनी के साथ जल जायेंगी। और अब हम शुरू से शुरूवात कर सकेंगें। ”

आपदा के बावजूद, केवल तीन सप्ताह बाद ही एडिसन नें Phonograph का अविष्कार कर दिया।

आपनें ऊपर की दोनो उदाहरण से समझ लिया होगा की positive attitude क्या होता है- Positive Attitude के व्यक्ति बुराई में भी अच्छाई खोज लेते है।

Positive attitude के विचार-

ईश्वर जो कुछ भी करता है

भले के लिए ही करता है ”

 

Negative Attitude kya hota Hai ( नकारात्मक नजरिया )

Negative Attitude, positive Attitude के विपरित होता है।

Negative Attitude को हिन्दी में ‘नकारात्मक नजरिया’ कहते है। जिस व्यक्ति के पास Negative Attitude

 होता है वह नकारात्मक व्यक्ति कहा जाता है।

Negative Attitude का व्यक्ति किसी भी घटना, स्थिती को नाकारात्मक रूप से स्वीकार करता है।

ऐसे लोग हर अच्छी चीजों में भी बुराईयाँ ढुंढते है। इनको हर चीज में केवल बुराई नजर आती है।

यें किसी भी वस्तु या व्यक्ति के सकारात्मक पहलु को नजरअंदाज करते है। और नकारात्मक पहलु को बहुत शौक से बड़ा-चड़ा कर Explain ( व्यख्या ) करते है।

इनमें बहानें बनानें और काम को टालते रहनें की आदत होती है

Negative Attitude के उदाहरण के लिए आप अजीब कुत्ता’ कहानी को पढ़ सकते है जिससे आप Negative Attitude को और अच्छे से समझ पायेंगे ।

 

कैसे पहचाने किसी व्यक्ति का व्यवहार Positive Attitude का है या Negative Attitude ?

Positive Attitude Aur Negative Attitude

जैसे कोई बीमार व्यक्ति स्वस्थ व्यक्ति की तरह नही दिखता है। वैसे ही एक Negative Attitude का व्यक्ति Positive Attitude के व्यक्ति से बहुत अलग होता है।

Positive Attitude का व्यक्ति हमेंशा किसी भी कार्य को धैर्य के साथ साकारात्मक परिणाम की आशा करता है।

जबकि Negative Attitude वालें व्यक्ति के पास बहानें के सिवा कुछ नही होता है।

 

आप किस Attitude को अपनना चाहेंगें ?

अगर आप इस पैराग्राफ को पढ़ रहें है तो इसका मतलब है आप सकारात्मक विचार के व्यक्ति है या फिर आप अपनें जीवन में और लोगों से कुछ अलग और बड़ा करना चाहते हो इसलिए आप अपनें आप को अपनी सफलता के लिए तैयार कर रहें है।

मेरा question आपसे है कि आप किस प्रकार के Attitude को पसन्द करते हो– Positive या Negative ?

नीचें कमेंण्ट बाक्स में कमेण्ट करके मुझे बातयें। मुझे आपके बारें में जानकर बहुत अच्छा लगेंगा।

 

लोग जानकर भी Negative Attitude को बदलना क्यों नही चाहते ?

 

मनुष्य बदलाव पसन्द नही करता है। बदलाव अक्सर कष्टदेय होता है चाहें यह Positive हो या Negative.

कई बार हमें कष्टदेय वाली जगहो पर आनन्द आने लगता है और जब कभी हमें उससे अच्छी जगह पर जाना होता है तो वह जगह हमें पसन्द नही आती। और हम वहॉ रहना पसन्द नही करते है।

इसे उदाहरण से समझते है-

Charles Dickens नाम का व्यक्ति कई वर्षो के लिए Dungeon के जेल में बन्द था।

अपनें पूरी सजा जेल में काटनें के बाद, उसें जज नें स्वतन्त्रा दे दी।

Charles Dickens को उसका अंधेरे भरें छोटें से कमरें से निकालकर, रोशनीदार खुबसूरत दुनियां में लाया गया।

Charles dickens नें चारों तरफ देखा और कुछ समय बाद ही वह खुद को वापस उसी छोटें से जेल में जानें की request करनें लगा।

क्योकि कई साल तक उसें उसी छोटे अंधकार भरें जेल में रखा था जिसे वह पसन्द करनें लग था।

और जब उसें स्वतन्त्रता के रूप में जेल से बाहर निकाला गया तो उसें स्वतन्त्रता का आनन्द लेने के लिए खुद मे बदलाव करना पड़ रहा था जोकि उसके लिए कष्टदेय था।

आधुनिक दुनिया में ऐसा देखनें को अक्सर मिलता है जब कोई कैदी जो लम्बे समय से जेल में है।

उसें स्वतन्त्रता मिलनें के बाद उसके रहन-सहन में होने वाला बदलाव उसके के लिए कष्टदेय होता है।

इसलिए स्वतन्त्रता मिलनें के बाद कैदी जल्द ही कोई नया Crime करता है जिससे उसे वापस वहॉ (जेल) लाया जा सकें, जहॉ वह पहले था।

साधारण भाषा में कहें तो- मनुष्य बदलाव पसन्द नही करता है। इसलिए हमारा Attitude, positive हो या Negative यह जानकर भी हमसे से ज्यादातर लोग अपनें व्यवहार में बदलाव नही करते है।

 

किन-किन चीजो से मिलकर Attitude का निर्माण होता है ?

क्या हम Attitude के साथ जन्म लेते है ?

जब कोई बच्चा जन्म लेता है तो वह बिलकुल मोबाइल फोन में प्रयोग की जानें वाली Memory ( चिप ) की तरह होता है।

जिस प्रकार का Data हम Memory में भरते है वह हम प्ले कर पाते है।

बिलकुल वैसे ही मनुष्य के साथ होता है। जो कुछ भी हम अपनें मस्तिष्क में भेजते है। वैसा ही हमारा Attitude  हो जाता है।

हमारा Attitude मुख्यत: ट्रिपल E पर निर्भर करता है। जिसमें से पहला “E” है-

पहला “E” का मतलब Environment ( वातावरण )

हमारा Attitude 50% हमारें वातावरण पर निर्भर करता है। मै उस वातावरण की बात कर रहा हुँ जो लोगों द्वारा तैयार किया जाता है।

जैसे- अपनें से बड़ो का आदर करना, किसी बात को ध्यान पुर्वक सुनना, अनुचित शब्दो का प्रयोग न करना।

ऐसा वातावरण जोकि Positive वातावरण है जिससे Positive Attitude का निर्माण होता है। और इसके विपरीत भी सत्य है जोकि Negative Attitude का निर्माण करता है।

नोट- अगर आप बुरें वातावरण में है तब भी आप Positive Attitude के हो सकते है क्योकि कमल हमेंशा किचड़ में ही खिलता है।

Example #1-

अगर आप किसी घर में जातें है और उस घर में बच्चो का व्यवहार अन्य लोगो के प्रति, आपके प्रति नम्रता और आदर का है।

तो समझ जायें यह व्यवहार वास्तव में बच्चो का व्यवहार नही है बल्कि उनके माता-पिता का है।

क्योकि, Attitude हमेंशा ऊपर ( बड़ो ) से नीचें ( छोटों ) की ओर आता है। ना कि नीचें से ऊपर की ओर ।

दुसरें “E” का मतलब Experience ( अनुभव )

किसी वस्तु, स्थान या किसी व्यक्ति के साथ हमारा अनुभव भी हमारें Attitude का निर्धारण करता है।

अगर हमारा Experience ( अनुभव ) अच्छा होता है तो हमारा Attitude भी उस वस्तु,स्थान या व्यक्ति के प्रति Positive ( सकारात्मक ) होता है।

इसके विपरीत अगर हमारा Experience ( अनुभव ) बुरा होता है तो हमारा Attitude भी उस वस्तु,स्थान या व्यक्ति के प्रति Negative ( नाकारात्मक ) होता है।

तीसरें “E” का मतलब Education ( शिक्षा )

हमारी शिक्षा का भी हमारें Attitude में बहुत बड़ा किरदार होता है

चाहें वह शिक्षा हमनें स्कूल द्वारा सिखी हो या वह शिक्षा जो हमारें माता-पिता या दादा-दादी द्वारा हमें रात में सुलाते समय हमें कहानियो के रूप में हमारें मष्तिषक में भेजी जाती है।

Education एक बहुत बड़ा टोपिक है और साथ ही साथ मेरा मन पसंदीदा टोपिक भी ।

Education के बारें मे कुछ ऐसी बातें है जिन्हें हमें कभी नही बताया जाता है। ना ही स्कुल में और शायद ना ही हमारें घर पर।

इसलिए इस टोपिक पर हम किसी और दिन चर्चा करेंगे। उस पोस्ट की लिंक आपको पोस्ट लिखी जाने के बाद यही मिल जायेंगी।

निष्कर्ष

Attitude क्या होता है ( attitude means kya hota hai ? ) और इससे सम्बन्धित सभी प्रश्नो जैसे- Attitude कितनें प्रकार के, Attitude को कैसे पहचानें, Attitude का निर्माण करनें वाले कारको को आप जान चुके है।

और अन्त में केवल इतना ही कहना चाहुंगा कि- खुद में Positive Attitude का निर्माण करें और अपनें साथ-साथ आपके आस-पास रहनें वालें लोगा का जीवन सरल और समृद्ध बनायें।


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मै आशा करता हुँ आज की इस पोस्ट में बतायें गयें attitude ka hindi kya hota hai ?  सें आपको कुछ नया सिखनें को मिला होगा। और अगर आपको आज की Attitude kya hota hai ?  पोस्ट पसंद आई हो तो इसें लाइक करें, और अपनें दोस्तो की मदद के लिए इसें अपनें दोस्तो के साथ Whatsapp पर शेयर करना ना भुलें।

और अगर आपके पास कोई प्रश्न हो या किसी प्रकार का सुझाव तो नीचें कमेंण्ट बाक्स में हम जरूर बतायें।

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